IGRSUP Portal 2026 – Login, Property Registration, Stamp Duty, Index UP के लिए पूरी जानकारी

अगर आप उत्तर प्रदेश में प्रॉपर्टी खरीदने या रजिस्ट्रेशन कराने का सोच रहे हैं, तो IGRSUP Portal 2026 आपके लिए सबसे जरूरी सरकारी टूल बन चुका है। यह पोर्टल यानि igrsup gov in, राज्य के स्टांप और रजिस्ट्रेशन विभाग (Stamp and Registration Department UP) द्वारा चलाया जाता है, जहाँ से आप घर बैठे property registration, stamp duty payment, और igrsup login जैसी सारी सेवाएं ऑनलाइन ले सकते हैं। पहले जहाँ लोगों को रजिस्ट्रेशन के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ता था, वहीं अब सिर्फ कुछ क्लिक में आप अपना काम निपटा सकते हैं।

IGRSUP portal की सबसे खास बात यह है कि यहाँ से आप registry office UP, igrsup index, और igrs up से जुड़े तमाम डाटा तक पहुंच सकते हैं। चाहे आप पहली बार घर खरीद रहे हों या किसी जमीन का index search करना हो, ये पोर्टल सभी नागरिकों के लिए फ्री और पारदर्शी सुविधा देता है। इतना ही नहीं, igrs login, e registration UP, और sampatti khoje जैसे टूल्स से आप अपनी प्रॉपर्टी से जुड़े सभी दस्तावेजों को एक ही जगह पर एक्सेस कर सकते हैं — वो भी बिना किसी एजेंट के चक्कर लगाए।

सेवा का नाम लिंक इसका उपयोग
IGRSUP पोर्टल वेबसाइट खोलें यूपी की स्टांप और रजिस्ट्री सेवाओं का आधिकारिक पोर्टल
यूज़र लॉगिन लॉगिन करें पहले से पंजीकृत यूज़र के लिए लॉगिन पेज
नया रजिस्ट्रेशन साइन अप नए यूज़र के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया
प्रॉपर्टी रजिस्ट्री रजिस्ट्रेशन शुरू करें ऑनलाइन प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के लिए
रजिस्ट्री लॉगिन लॉगिन पेज जारी रजिस्ट्रेशन को दोबारा खोलने के लिए
प्रॉपर्टी इंडेक्स सर्च खोजें किसी भी प्रॉपर्टी की पुरानी रजिस्ट्री खोजने के लिए
UP भूलेख पोर्टल भूलेख देखें भूमि रिकॉर्ड (खसरा-खतौनी) देखने के लिए
भूमि नक्शा पोर्टल नक्शा देखें जमीन का नक्शा देखने के लिए टूल
जनसुनवाई पोर्टल शिकायत करें शिकायत दर्ज करने और ट्रैक करने के लिए

IGRSUP पोर्टल पर लॉगिन और एक्सेस से जुड़ी जानकारी

IGRSUP पोर्टल पर लॉगिन और एक्सेस से जुड़ी जानकारी

उत्तर प्रदेश में अगर आपको ज़मीन-जायदाद से जुड़े किसी भी सरकारी काम को ऑनलाइन करना है, तो सबसे पहले आपको IGRSUP पोर्टल पर लॉगिन करना होता है। यह पोर्टल igrsup.gov.in के ज़रिए चलता है, जिसे स्टांप और रजिस्ट्रेशन विभाग उत्तर प्रदेश ने शुरू किया है।

इस पोर्टल से आप प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन, स्टांप ड्यूटी, इंडेक्स चेक, और sampatti khoje जैसी सुविधाएं ऑनलाइन पा सकते हैं। लेकिन इन सबके लिए पहले आपको लॉगिन करना ज़रूरी होता है। अब जान लेते हैं लॉगिन से जुड़ी हर ज़रूरी बात।

igrsup gov in पर लॉगिन कैसे करें?

IGRSUP के जरिए यूपी में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन कैसे करें
  • सबसे पहले igrsup.gov.in वेबसाइट खोलें।
  • होमपेज पर ऊपर दाईं ओर “User Login” या “उपयोगकर्ता लॉगिन” का ऑप्शन मिलेगा।
  • वहाँ क्लिक करें और अपना यूज़रनेम और पासवर्ड डालें।
  • फिर कैप्चा भरें और “लॉगिन” पर क्लिक करें।

अगर आपने पहले से रजिस्ट्रेशन किया हुआ है, तो बस यही प्रोसेस है। और हां, पासवर्ड भूलने की टेंशन भी मत लीजिए – नीचे हल है।

अगर igrsup लॉगिन पासवर्ड भूल जाएं तो क्या करें?

  • लॉगिन पेज पर ही “Forgot Password / पासवर्ड भूल गए” का लिंक मिलेगा।
  • उस पर क्लिक करें।
  • अब आपको रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या ईमेल ID डालनी होगी।
  • एक OTP आएगा — उसे डालें और नया पासवर्ड सेट कर लें।

पासवर्ड रीसेट करना आसान है। OTP नहीं आता तो नेटवर्क कोसने से पहले स्पैम फोल्डर देख लेना!

क्या बिना रजिस्ट्रेशन के igrsup पोर्टल चल सकता है?

नहीं, अगर आप सिर्फ जानकारी देखना चाहते हैं, जैसे – circle rate, या sampatti khoje, तो कुछ टूल्स बिना लॉगिन भी दिख जाते हैं।

लेकिन अगर आपको खुद की प्रॉपर्टी रजिस्टर करनी है, स्टांप पेमेंट करनी है, या दस्तावेज़ डाउनलोड करने हैं – तो बिना रजिस्ट्रेशन के काम नहीं चलेगा।

इसलिए पहले ई-रजिस्ट्रेशन करें, फिर लॉगिन करें।

igrs login up कहां से करें और यह क्या काम आता है?

IGRS login UP भी उसी पोर्टल पर होता है – यानि igrsup.gov.in पर।
यह लॉगिन उन्हीं लोगों के लिए होता है जो:

  • प्रॉपर्टी दस्तावेज़ सबमिट करना चाहते हैं
  • बैनामा स्टेटस देखना चाहते हैं
  • या फिर किसी ज़मीन की index check करनी है

इसका पूरा नाम है – Inspector General of Registration Services – Uttar Pradesh, लेकिन नाम से डरना मत, काम एकदम सीधा है।

क्या igrsup का मोबाइल ऐप भी है?

हां, igrsup पोर्टल की सुविधाओं को मोबाइल से चलाने के लिए IGRSUP App भी उपलब्ध है।

  • इसे आप Google Play Store से डाउनलोड कर सकते हैं।
  • ऐप में भी आप login कर सकते हैं, circle rate, संपत्ति विवरण, और रजिस्ट्री स्टेटस चेक कर सकते हैं।

हालांकि, सभी फीचर्स वेबसाइट जैसे नहीं हैं, लेकिन मोबाइल यूज़र्स के लिए ये काफ़ी फायदेमंद है।
और हां, नेट स्लो हो तो पेज रिफ्रेश करने में सब्र रखना पड़ेगा — ये सरकारी पोर्टल है, Netflix नहीं।

IGRSUP के जरिए यूपी में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन कैसे करें

अगर आप उत्तर प्रदेश में जमीन या मकान खरीद रहे हैं, तो सबसे जरूरी काम है प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री करवाना। अब इसके लिए लाइन में लगने की जरूरत नहीं है।
IGRSUP पोर्टल की मदद से आप घर बैठे online registry up कर सकते हैं।

बस एक बात ध्यान रखें — स्टांप और रजिस्ट्रेशन विभाग, उत्तर प्रदेश (stamp and registration department uttar pradesh) की वेबसाइट पर रजिस्ट्री का पूरा प्रोसेस डिजिटली हो चुका है।
अब जानते हैं, स्टेप बाय स्टेप कैसे होता है ये सब।

igrsup पोर्टल पर प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन कैसे शुरू करें?

igrsup पोर्टल पर प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन कैसे शुरू करें?
  • पहले igrsup.gov.in वेबसाइट खोलें।
  • मेन्यू में “सम्पत्ति पंजीकरण (Property Registration)” का विकल्प मिलेगा — उस पर क्लिक करें।
  • अब “नया आवेदन करें” पर जाएं।
  • यहां पर आपको संपत्ति की डिटेल्स भरनी होंगी — जैसे कि:
    • संपत्ति का पता
    • एरिया (ग्रामीण/शहरी)
    • रजिस्ट्रार कार्यालय (Sub Registrar Office)
    • विक्रेता और खरीदार की जानकारी

फॉर्म लंबा है, पर घबराने की जरूरत नहीं। सही-सही भरेंगे तो किसी सरकारी बाबू से बहस नहीं करनी पड़ेगी।

ऑनलाइन रजिस्ट्री के लिए कौन-कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए?

up land registration के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स ये हैं:

  1. पहचान पत्र – आधार कार्ड या पैन कार्ड
  2. संपत्ति से जुड़े दस्तावेज़ – पिछली रजिस्ट्री कॉपी, खतौनी
  3. पासपोर्ट साइज फोटो – विक्रेता और खरीदार दोनों की
  4. शपथ पत्र (Affidavit) – कुछ मामलों में लगता है
  5. स्टांप शुल्क भुगतान रसीद – shcil estamp से ऑनलाइन भुगतान करने के बाद मिलने वाली

डॉक्यूमेंट्स स्कैन करके अपलोड करने होते हैं, तो पहले से पीडीएफ बना लें वरना आखिरी समय में स्कैनर ढूंढते रह जाएंगे।

रजिस्ट्री ऑफिस डॉक्यूमेंट्स की जांच कैसे करता है?

जब आप ऑनलाइन आवेदन सबमिट करते हैं, तो फॉर्म Sub Registrar Office में चला जाता है।
वहां अधिकारी क्या देखते हैं?

  • स्टांप ड्यूटी की सही रकम भरी है या नहीं
  • डॉक्यूमेंट्स क्लियर हैं या फटे-पुराने स्कैन
  • संपत्ति विवादित तो नहीं
  • खरीदार/विक्रेता की पहचान असली है या नहीं

अगर सब कुछ सही रहता है तो एक-दो दिन में appointment डेट मिल जाती है।
गलती हो तो “आपका आवेदन लंबित है” कहकर दिल तोड़ देते हैं।

रजिस्ट्री सबमिट करने के बाद स्टेटस कैसे चेक करें?

रजिस्ट्री करने के बाद अगला सवाल यही होता है – अब आगे क्या हुआ?
तो जानने के लिए ये करें:

  • igrsup.gov.in पर लॉगिन करें
  • आवेदन की स्थिति देखें” सेक्शन में जाएं
  • अपनी Application ID डालें
  • स्टेटस पता चल जाएगा – स्वीकार हुआ है, सुधार मांगा गया है या अपॉइंटमेंट दी गई है

बिल्कुल वैसे ही जैसे ऑनलाइन ऑर्डर की डिलीवरी ट्रैक करते हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि यहां “रिटर्न” का ऑप्शन नहीं है।

up registration और up land registration में क्या फर्क है?

UP Registration – इसमें संपत्ति से जुड़ा कोई भी कानूनी दस्तावेज़ रजिस्टर कराया जाता है।
जैसे – विवाह प्रमाण पत्र, वसीयत, लीज एग्रीमेंट, आदि।

UP Land Registration – इसमें ज़मीन या मकान की रजिस्ट्री होती है, जहां खरीदार और विक्रेता की जानकारी के साथ संपत्ति की डिटेल दर्ज की जाती है।

सीधा मतलब –
हर land registration एक registration है,
लेकिन हर registration, land registration नहीं होता।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करते समय आम गलतियां कौन सी होती हैं?

  • गलत जिले का चयन – Sub Registrar Office चुनते समय
  • भूलेख की जानकारी गलत भरना – जैसे Gata Number या Khasra गलत डालना
  • स्टांप शुल्क कम भर देना – Circle Rate का सही कैलकुलेशन न होना
  • PDF फ़ाइल्स की साइज़ बहुत बड़ी होना – जिससे अपलोड फेल हो जाता है
  • गलत मोबाइल नंबर देना – फिर OTP न मिलना

इनसे बचना है तो भरने से पहले 2 बार पढ़ो, 1 बार भरो। वरना काम अधूरा रह जाएगा और तारीखें पीछे भागती रहेंगी।

उत्तर प्रदेश में स्टांप शुल्क से जुड़ी जानकारी

अगर प्रॉपर्टी खरीदना शादी से भी बड़ी जिम्मेदारी लगती है, तो ज़रा रुकिए – स्टांप ड्यूटी भी कोई कम खेल नहीं है।
उत्तर प्रदेश में संपत्ति की खरीद-फरोख्त के दौरान एक तय फीस देनी होती है, जिसे स्टांप शुल्क (Stamp Duty) कहते हैं।
और इसी प्रक्रिया को आसान बनाया है IGRSUP पोर्टल (igrsup.gov.in) ने, जहां से आप कैलकुलेशन से लेकर भुगतान और रिफंड तक सबकुछ ऑनलाइन कर सकते हैं।

अब नीचे जानते हैं इस पूरी प्रक्रिया के बारे में।

igrsup gov in पर स्टांप ड्यूटी कैसे कैलकुलेट होती है?

स्टांप शुल्क कैलकुलेट करने के लिए ये स्टेप्स फॉलो करें:

  1. igrsup.gov.in वेबसाइट खोलें
  2. स्टांप शुल्क कैलकुलेटर (Stamp Duty Calculator)” सेक्शन में जाएं
  3. निम्न जानकारी भरें:
    • प्रॉपर्टी का ज़िला और तहसील
    • एरिया का टाइप (ग्रामीण या शहरी)
    • संपत्ति का मूल्य
    • दस्तावेज़ का प्रकार (जैसे बिक्री, गिफ्ट, पट्टा आदि)

जैसे ही आप ये डिटेल भरते हैं, पोर्टल अपने आप सही स्टांप शुल्क दिखा देता है।
ये कैलकुलेशन पूरी तरह सरकार द्वारा निर्धारित सर्कल रेट के आधार पर होती है।

मज़ेदार बात: ये कैलकुलेटर पाई-पाई का हिसाब देता है, जितना सटीक शायद दुकानदार भी न दे।

igrsup पोर्टल पर सर्कल रेट कहां से देखें?

Circle Rate मतलब किसी इलाके में ज़मीन या संपत्ति की सरकारी तौर पर तय न्यूनतम कीमत।
इसी रेट पर स्टांप ड्यूटी लगती है।

Circle Rate देखने के लिए:

  1. igrsup.gov.in पर लॉगिन करें
  2. मूल्यांकन सूची (Mulyankan Suchi)” या “संपत्ति मूल्य निर्धारण” सेक्शन में जाएं
  3. जिला, तहसील, और मोहल्ला/गांव चुनें
  4. रेट ऑटोमैटिकली सामने आ जाएगा – रिहायशी, वाणिज्यिक या कृषि भूमि के अनुसार

Tip: Circle Rate अगर आप न देखें, तो स्टांप ड्यूटी में गड़बड़ हो सकती है। और फिर सुधार के लिए आपको दौड़ लगानी पड़ सकती है।

स्टांप और रजिस्ट्रेशन विभाग यूपी में कैसे काम करता है?

stamp and registration department uttar pradesh एक सरकारी विभाग है जो दो मुख्य काम करता है:

  1. स्टांप शुल्क इकट्ठा करना
  2. संपत्ति और अन्य कानूनी दस्तावेज़ों का रजिस्ट्रेशन करना

ये विभाग igrsup portal के ज़रिए डिजिटल रूप से सेवाएं देता है। इसके ज़रिए:

  • संपत्ति खरीद-फरोख्त रजिस्टर होती है
  • दस्तावेज़ों की वेरिफिकेशन होती है
  • स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस ऑनलाइन ली जाती है
  • सर्टिफिकेट्स और रसीदें भी यहीं से डाउनलोड होती हैं

अच्छी बात ये है कि अब ये सब कुछ ऑनलाइन हो गया है, तो सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की नौबत नहीं आती – जब तक सबकुछ ठीक से भरा जाए।

क्या स्टांप ड्यूटी का रिफंड igrsup पोर्टल से मिल सकता है?

हां, अगर आपने स्टांप शुल्क जमा कर दिया है लेकिन किसी कारण से डील कैंसिल हो गई, तो आप refund के लिए आवेदन कर सकते हैं।

रिफंड प्रक्रिया:

  1. igrsup.gov.in पर लॉगिन करें
  2. स्टांप वापसी (Stamp Refund)” ऑप्शन पर क्लिक करें
  3. e-stamp की जानकारी और रद्द दस्तावेज़ अपलोड करें
  4. आवेदन सबमिट करें और ट्रैक करें

ध्यान दें: रिफंड की अधिकतम सीमा 98% तक हो सकती है, लेकिन सबूत पुख्ता होने चाहिए।

e-stamp या SHCIL e-stamp वेरिफाई कैसे करें?

e-stamp या SHCIL e-stamp वेरिफाई कैसे करें

SHCIL (Stock Holding Corporation of India Limited) की मदद से उत्तर प्रदेश में अब e-stamp का उपयोग होता है, जो कागज़ी स्टांप की जगह ले चुका है।

वेरिफिकेशन के स्टेप्स:

  1. shcilestamp.com पर जाएं
  2. Verify e-Stamp Certificate” ऑप्शन पर क्लिक करें
  3. Certificate Number और Issue Date भरें
  4. सबमिट करें — आपका स्टांप असली है या नहीं, ये तुरंत सामने आ जाएगा

इससे फर्जीवाड़े की गुंजाइश बहुत कम हो गई है — नकली स्टांप बेचने वालों की नींद उड़ चुकी है।

IGRSUP पर इंडेक्स और प्रॉपर्टी सर्च कैसे करें

जब कोई प्रॉपर्टी खरीदने जाता है, तो दिमाग में सबसे पहला सवाल यही होता है — ये ज़मीन पहले किसके नाम थी? कहीं केस-वेस तो नहीं? ये सब जानने का रास्ता एक ही है — प्रॉपर्टी इंडेक्स सर्च, और इसके लिए IGRSUP पोर्टल (igrsup.gov.in) सबसे भरोसेमंद ज़रिया है।

IGRS Index Search से आप किसी भी प्रॉपर्टी की पुरानी रजिस्ट्री, मालिकाना हक़ और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री चेक कर सकते हैं। ये खोज पूरी तरह ऑनलाइन होती है।

igrsup index या igrs index सर्च कैसे करें?

IGRS Index Search करने के लिए आपको बस कुछ बेसिक जानकारी की ज़रूरत होती है। पूरा प्रोसेस इस तरह है:

  1. igrsup.gov.in वेबसाइट खोलें
  2. ऑनलाइन सर्च / Index Search” ऑप्शन पर क्लिक करें
  3. सर्च के लिए विकल्प चुनें —
    • दस्तावेज़ संख्या से
    • साल से
    • पंजीकरण कार्यालय (SRO) से
    • पक्षकार के नाम से
  4. ज़िला और तहसील सेलेक्ट करें
  5. जानकारी भरकर “सर्च” दबाएं

कुछ ही सेकंड में उस प्रॉपर्टी की पंजीकृत डिटेल सामने आ जाती है।

Note: अगर सही जानकारी भरेंगे, तो रिजल्ट भी सटीक मिलेगा — वरना गुमशुदा प्रॉपर्टी लग सकती है।

igrs index up में क्या जानकारी मिलती है?

जब आप igrs index up में कोई दस्तावेज़ खोजते हैं, तो आपको ये जानकारियां मिलती हैं:

  • दस्तावेज़ संख्या और वर्ष
  • दस्तावेज़ का प्रकार (बिक्री, गिफ्ट, मोरगेज आदि)
  • पार्टियों के नाम (खरीदार और विक्रेता)
  • प्रॉपर्टी का पता
  • रजिस्ट्रेशन का स्थान (SRO)
  • एरिया का साइज और मूल्य

इससे आपको साफ पता चलता है कि प्रॉपर्टी पहले किसके नाम थी, किस साल में रजिस्टर्ड हुई थी, और किसने किससे खरीदी।

इससे कानूनी झंझटों से बचा जा सकता है — जैसे कि एक प्रॉपर्टी को दो बार बेचना या फर्जीवाड़ा।

index igrsup का रजिस्ट्रेशन में क्या रोल होता है?

Index igrsup का सबसे बड़ा फायदा है प्रॉपर्टी ट्रैकिंग। जब आप रजिस्ट्रेशन करने जाते हैं, तो उससे पहले इंडेक्स से चेक कर सकते हैं:

  • प्रॉपर्टी क्लियर है या नहीं
  • पुराने रिकॉर्ड में कोई विवाद या बकाया है या नहीं
  • किसी बैंक का मोरगेज है या नहीं
  • सही मालिक कौन है

अगर इंडेक्स में क्लीन हिस्ट्री मिलती है, तभी आगे बढ़ना समझदारी है।
इसलिए ये रजिस्ट्रेशन से पहले का एक जरूरी कदम बन गया है।

रजिस्ट्री से पहले इंडेक्स चेक न करना मतलब आंख मूंदकर ज़मीन खरीद लेना — और बाद में कोर्ट के चक्कर लगाना।

igrsup gov in index को कैसे इस्तेमाल करें?

igrsup gov in index को इस्तेमाल करना बेहद आसान है, लेकिन सही जानकारी होना ज़रूरी है:

  1. वेबसाइट पर जाएं: igrsup.gov.in
  2. “Index Search” या “दस्तावेज़ खोज” सेक्शन खोलें
  3. सर्च के लिए ऑप्शन चुनें:
    • वर्ष + दस्तावेज़ संख्या
    • पार्टी का नाम
    • ज़िला और तहसील
  4. सबमिट करें और रिजल्ट देखें

अगर आपने ई-रजिस्ट्री की है, तो इंडेक्स में उसका रियलटाइम अपडेट भी दिखता है।

आप चाहें तो इन रिजल्ट्स का स्क्रीनशॉट या प्रिंट भी निकाल सकते हैं — जिससे बाद में इस्तेमाल हो सके।

up igrs index किसे और क्यों चाहिए होता है?

UP IGRS Index सबसे ज़्यादा उन लोगों को चाहिए होता है जो:

  • नई प्रॉपर्टी खरीद रहे हों
  • बैंक लोन ले रहे हों (बैंक भी चेक करता है)
  • किसी ज़मीन पर कानूनी दावा कर रहे हों
  • वसीयत या संपत्ति बंटवारा करवा रहे हों
  • पुराना दस्तावेज़ दोबारा चाहिए हो

इसका मकसद सिर्फ जानकारी देना नहीं, बल्कि लोगों को सुरक्षित प्रॉपर्टी डील्स में मदद देना है।

एक तरह से इसे “प्रॉपर्टी का आधार कार्ड” कह सकते हैं — जहां पूरी हिस्ट्री ऑनलाइन दिखती है।

भूमि विवरण और संपत्ति खोज से जुड़े फीचर्स

जब भी कोई ज़मीन या घर खरीदने की बात होती है, तो सबसे जरूरी चीज़ होती है – ये समझना कि ज़मीन का असली मालिक कौन है, उसके रिकॉर्ड क्या हैं, और वो साफ-सुथरी है या नहीं। यही काम IGRSUP Portal और UP Bhulekh मिलकर आसान कर देते हैं।

अब आपको तहसील के चक्कर नहीं लगाने पड़ते, क्योंकि bhulekh index, sampatti khoje, और sampati vivran जैसी सुविधाएं आपको ऑनलाइन मिलती हैं। नीचे हर फीचर को एक-एक करके आसान भाषा में समझाया गया है।

igrs up bhulekh क्या है और यह कैसे काम करता है?

IGRS UP Bhulekh उत्तर प्रदेश की एक सरकारी सेवा है जो आपको ज़मीन से जुड़े खसरा, खतौनी, और भूमि विवरण ऑनलाइन दिखाती है।

ये सीधे राजस्व विभाग के डेटाबेस से जुड़ा होता है, जिससे आप किसी भी ज़मीन की ये बातें जान सकते हैं:

  • ज़मीन किसके नाम पर है
  • कितनी ज़मीन है
  • ज़मीन की श्रेणी क्या है (कृषि, आवासीय आदि)
  • कोई विवाद या मुकदमा तो नहीं चल रहा

इसका इस्तेमाल ज़्यादातर खरीदार, किसान, बैंक और वकील करते हैं ताकि ज़मीन से जुड़ी कोई गड़बड़ी न हो।

सीधा कहें तो bhulekh बताता है कि ज़मीन किसकी है और कितनी है।

igrsup पोर्टल पर sampatti khoje कैसे करें?

Sampatti Khoje यानी संपत्ति खोज सुविधा IGRSUP पोर्टल पर उपलब्ध है। इससे आप जान सकते हैं कि किसी इलाके में कौन-कौन सी प्रॉपर्टी रजिस्टर्ड है और किसके नाम पर है।

सर्च करने का तरीका:

  1. igrsup.gov.in पर जाएं
  2. “संपत्ति खोज” या “Search Property Details” पर क्लिक करें
  3. ज़िला, तहसील, मौजा (गांव/इलाका) चुनें
  4. दस्तावेज़ संख्या या पार्टियों के नाम से खोजें
  5. सर्च बटन दबाएं — और संपत्ति की डिटेल सामने होगी

इससे खरीदार को भरोसा होता है कि जो प्रॉपर्टी वो खरीद रहा है, वो वाकई उसी की है जो बेच रहा है।

एक तरह से ये आपको रजिस्ट्री से जुड़ा सच दिखाता है।

sampati vivran क्या होता है और कहां काम आता है?

Sampati Vivran का मतलब होता है — प्रॉपर्टी की पूरी जानकारी। इसमें निम्न बातें आती हैं:

  • ज़मीन / मकान का पता
  • किसके नाम है
  • रजिस्ट्री कब हुई
  • रजिस्ट्री का प्रकार (बिक्री, गिफ्ट आदि)
  • स्टांप ड्यूटी कितनी लगी
  • सर्कल रेट और बाज़ार मूल्य

Sampati Vivran की जरूरत यहां होती है:

  • बैंक से होम लोन लेते समय
  • कोर्ट में केस करने से पहले
  • रजिस्ट्री या म्यूटेशन के वक्त
  • परिवार में संपत्ति बंटवारे के समय

सीधे शब्दों में, ये डिटेल “कब, किससे, कितना” सब बताता है।

bhulekh index और रजिस्ट्री डेटा में क्या अंतर है?

ये दोनों अलग-अलग सरकारी डिपार्टमेंट्स से आते हैं और उनका काम भी अलग होता है:

फ़ीचरBhulekh Indexरजिस्ट्री डेटा (IGRSUP)
किससे जुड़ा है?राजस्व विभाग (Revenue Department)स्टांप और पंजीकरण विभाग (IGRS)
क्या बताता है?ज़मीन की स्थिति, खसरा, खतौनीसंपत्ति की खरीद-बिक्री और मालिकाना हक
कब अपडेट होता है?जब ज़मीन का म्यूटेशन होता हैजब कोई रजिस्ट्री होती है
कौन इस्तेमाल करता है?किसान, वकील, अफसरखरीदार, बैंक, रियल एस्टेट एजेंट

अगर आप ज़मीन की पूरी सच्चाई जानना चाहते हैं, तो दोनों चेक करना जरूरी है — Bhulekh Index + IGRSUP Registry Data

दोनों एक साथ मिलकर ही तस्वीर साफ करते हैं।

विवाह पंजीकरण और सर्टिफिकेट से जुड़ी सेवाएं

अब शादी सिर्फ मंडप में नहीं होती, कागज़ों पर भी होती है। IGRSUP के ज़रिए UP marriage registration अब ऑनलाइन हो गया है — जिससे कोर्ट के चक्कर लगने की ज़रूरत नहीं। साथ ही, रजिस्टर्ड डॉक्यूमेंट्स और encumbrance certificate UP भी पोर्टल से ही मिलते हैं।

up marriage registration ऑनलाइन कैसे करें?

उत्तर प्रदेश में शादी का रजिस्ट्रेशन अब ऑफलाइन नहीं, सीधे ऑनलाइन हो रहा है।

स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया:

  1. igrsup.gov.in खोलें
  2. “Marriage Registration” या “Vivah Panjikaran” पर क्लिक करें
  3. पति-पत्नी की जानकारी भरें (नाम, जन्मतिथि, पता)
  4. शादी का प्रमाण (फोटो, निमंत्रण पत्र, गवाह की जानकारी) अपलोड करें
  5. फीस भरें और आवेदन सबमिट करें
  6. कुछ दिन में Marriage Certificate डाउनलोड लिंक मिल जाएगा

शादी हो जाए तो मिठाई ज़रूर बांटें, पर सर्टिफिकेट लेना मत भूलिए।

igrsup पर registered instrument certificate कैसे मिलेगा?

igrsup पर registered instrument certificate कैसे मिलेगा

जब भी आप कोई रजिस्ट्री करते हैं, तो उसका प्रूफ यानी Registered Instrument Certificate ज़रूरी होता है। ये एक तरह का डिजिटल दस्तावेज़ होता है जो ये साबित करता है कि प्रॉपर्टी रजिस्टर्ड है।

कैसे पाएं:

  • igrsup.gov.in पर लॉगिन करें
  • “Download Registered Document” सेक्शन में जाएं
  • दस्तावेज़ नंबर और वर्ष दर्ज करें
  • “सर्च” पर क्लिक करें
  • PDF फ़ॉर्मेट में डाउनलोड करें

इस सर्टिफिकेट को बैंक, कोर्ट या सरकारी कामों में मान्यता मिलती है।

encumbrance certificate up कहां से डाउनलोड करें?

Encumbrance Certificate ये दिखाता है कि प्रॉपर्टी पर कोई लोन, केस या दावा तो नहीं है। ये ज़रूरी होता है:

  • लोन लेने के लिए
  • प्रॉपर्टी खरीदने से पहले
  • कानूनी विवाद से बचने के लिए

कैसे डाउनलोड करें:

  1. igrsup.gov.in पर जाएं
  2. Encumbrance Certificate (EC) ऑप्शन चुनें
  3. प्रॉपर्टी की डिटेल भरें – ज़िला, तहसील, मौजा
  4. फीस भरें
  5. EC कुछ ही समय में PDF में आ जाएगा

ये सर्टिफिकेट ऐसा है, जो बताए बिना बोले – “मैं साफ-सुथरी हूं!”

सामान्य समस्याएं और सहायता से जुड़े सवाल

हर सरकारी पोर्टल पर कुछ उलझने होती हैं — लेकिन IGRSUP में मदद के लिए बहुत कुछ मौजूद है। नीचे कुछ आम सवाल और उनके साफ जवाब दिए गए हैं।

nibandhan vibhag क्या है और यह क्या काम करता है?

Nibandhan Vibhag, यानी स्टांप और रजिस्ट्रेशन विभाग उत्तर प्रदेश, वही सरकारी संस्था है जो:

  • प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन करती है
  • स्टांप ड्यूटी वसूलती है
  • सर्कल रेट तय करती है
  • विवाह पंजीकरण और दस्तावेज़ प्रमाणित करती है

इस विभाग की वेबसाइट igrsup.gov.in है। सब कुछ अब यहीं से होता है — बिना किसी बिचौलिए के।

नाम याद रखना मुश्किल हो सकता है, पर काम भूलना नहीं चाहिए।

रजिस्ट्रेशन में गलती हो जाए तो कैसे सुधारें?

अगर आपने रजिस्ट्रेशन करते वक्त:

  • नाम गलत भर दिया
  • एड्रेस टाइपो हो गया
  • दस्तावेज़ गलत अपलोड हो गया

तो घबराइए नहीं।

सुधार के लिए:

  1. igrsup.gov.in पर लॉगिन करें
  2. “Correction Request” या “शुद्धि आवेदन” पर जाएं
  3. गलती वाला दस्तावेज़ चुनें
  4. सही जानकारी और ID अपलोड करें
  5. आवेदन सबमिट करें

ध्यान दें: गलतियाँ सुधारने में कभी-कभी 7–10 दिन लग सकते हैं।

igrsup circle rate टूल कैसे यूज़ करें?

igrsup circle rate टूल कैसे यूज़ करें

Circle Rate मतलब सरकार द्वारा तय किया गया न्यूनतम रेट, जिस पर कोई ज़मीन या मकान बेचा/खरीदा जा सकता है।

IGRSUP Circle Rate देखने के लिए:

  1. igrsup.gov.in खोलें
  2. “मूल्यांकन सूची” या “Valuation List” पर जाएं
  3. ज़िला, तहसील, मौजा चुनें
  4. Property Type (आवासीय, कृषि, व्यवसायिक) चुनें
  5. सिस्टम आपको उस इलाके का circle rate दिखा देगा

Circle rate को देखकर आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि stamp duty कितनी लगेगी।

bainama online शहरी प्रॉपर्टी के लिए है या नहीं?

Bainama मतलब रजिस्ट्री एग्रीमेंट।

Bainama Online सुविधा अब शहरी और ग्रामीण दोनों जगहों के लिए उपलब्ध है, लेकिन:

  • शहरी क्षेत्रों में पहले सारा डेटा डिजिटल होता है
  • इसलिए ऑनलाइन रजिस्ट्री आसान होती है
  • पोर्टल आपको स्टेप-बाय-स्टेप गाइड करता है

तो हाँ, bainama online शहरी प्रॉपर्टी पर लागू होता है — बस आपको सही दस्तावेज़ और circle rate जानना ज़रूरी है।

ग्रामीण क्षेत्रों में bainama registry कौन करता है?

गांव में रजिस्ट्री के लिए भी वही प्रक्रिया होती है जो शहर में होती है, बस ज़मीन की जानकारी Bhulekh से क्रॉस-चेक करनी होती है।

कौन करता है:

  • ज़िले के Sub Registrar Office (SRO)
  • या पंचायत स्तर के अधिकृत कर्मचारी

ऑनलाइन प्रक्रिया वही है:

  1. igrsup.gov.in → Property Registration
  2. ग्राम, मौजा, ज़मीन का विवरण भरें
  3. डॉक्यूमेंट अपलोड करें
  4. फीस भरें और स्लॉट बुक करें
  5. SRO जाकर फिजिकल वेरिफिकेशन कराएं

गांव हो या शहर — प्रॉपर्टी की सच्चाई रजिस्ट्री में ही छुपी होती है।

IGRSUP पोर्टल पर उपलब्ध अन्य जरूरी टूल्स और सेवाएं

अगर आपको लगता है कि igrsup बस रजिस्ट्री के लिए है, तो आप आधी चीज़ें मिस कर रहे हैं। पोर्टल में कई ऐसे टूल्स भी हैं जो संपत्ति से जुड़ी जानकारी, भुगतान और वेरिफिकेशन को आसान बनाते हैं।

igrsup पोर्टल से SHCIL e-stamping कैसे करें?

SHCIL e-stamp यानि Stock Holding Corporation of India Limited द्वारा जारी इलेक्ट्रॉनिक स्टांप — ये स्टांप पेपर की डिजिटल फ़ॉर्म है।

कैसे करें:

  1. igrsup.gov.in पर जाएं
  2. “ई-स्टांप” या “SHCIL e-stamp” सेक्शन पर क्लिक करें
  3. मांगी गई जानकारी भरें — जैसे पार्टी का नाम, उद्देश्य, रकम
  4. भुगतान के लिए SHCIL लिंक पर जाएं
  5. सफल पेमेंट के बाद e-stamp की PDF मिल जाएगी

अब स्टांप खरीदने के लिए कतार में लगना बीते ज़माने की बात हो गई।

mulyankan suchi ऑनलाइन कहां देखें?

Mulyankan Suchi मतलब Valuation List, जो सरकार तय करती है — कि किस इलाके में किस प्रकार की प्रॉपर्टी का मूल्य न्यूनतम कितना होगा।

देखने की प्रक्रिया:

  1. igrsup.gov.in खोलें
  2. “मूल्यांकन सूची” लिंक पर क्लिक करें
  3. ज़िला, तहसील और मौजा चुनें
  4. प्रॉपर्टी की श्रेणी (आवासीय, कृषि, व्यावसायिक) चुनें
  5. PDF या table में rate दिखेगा

यह लिस्ट स्टांप ड्यूटी और सर्कल रेट की गिनती के लिए बेहद जरूरी होती है।

अपने तहसील का registry office up कैसे पता करें?

अगर आप सोच रहे हैं कि “कौन-सा SRO मेरे इलाके के लिए सही है?” तो igrsup इसका जवाब आसानी से देता है।

कैसे पता करें:

  1. igrsup.gov.in खोलें
  2. “Find Sub-Registrar Office” सेक्शन पर जाएं
  3. ज़िला और तहसील सिलेक्ट करें
  4. पोर्टल आपको सम्बंधित रजिस्ट्री ऑफिस का पता और संपर्क जानकारी दिखा देगा

इससे यह तय करने में आसानी होगी कि आपको कहां अपॉइंटमेंट बुक करना है।

igrsup app या igrsup in login का क्या उपयोग है?

IGRSUP app और igrsup.in login उन यूज़र्स के लिए हैं जो मोबाइल से या पोर्टल की वैकल्पिक URL से काम करना चाहते हैं।

इनका उपयोग:

  • मोबाइल पर ऑनलाइन रजिस्ट्री स्टेटस चेक करना
  • सर्टिफिकेट डाउनलोड करना
  • marriage registration या stamp refund के लिए आवेदन भरना
  • circle rate या valuation list चेक करना
  • index या bhulekh सर्च करना

igrsup app अभी हर Android फोन पर उपलब्ध है, और igrsup.in पोर्टल का alternate domain है।

IGRSUP पोर्टल से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

igrsup gov in पोर्टल क्या है?

igrsup.gov.in उत्तर प्रदेश सरकार का आधिकारिक पोर्टल है, जो स्टांप ड्यूटी, प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन, इंडेक्स सर्च, और अन्य रजिस्ट्री सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराता है। इसे स्टांप और पंजीकरण विभाग (Stamp and Registration Department UP) संचालित करता है।

igrsup पोर्टल पर लॉगिन कैसे करें?

igrsup पोर्टल पर लॉगिन करने के लिए सबसे पहले वेबसाइट igrsup.gov.in पर जाएं। फिर “पंजीकरण/लॉगिन” ऑप्शन पर क्लिक करें, यूज़रनेम और पासवर्ड भरें और लॉगिन करें।

अगर igrsup लॉगिन पासवर्ड भूल जाएं तो क्या करें?

अगर आप igrsup लॉगिन पासवर्ड भूल गए हैं, तो लॉगिन पेज पर “पासवर्ड भूल गए?” पर क्लिक करें। इसके बाद मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी डालें और OTP से पासवर्ड रीसेट कर लें।

क्या igrsup पोर्टल से ऑनलाइन रजिस्ट्री की जाती है?

हाँ, igrsup पोर्टल से आप प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री ऑनलाइन कर सकते हैं। इसमें डीड बनाना, स्टांप ड्यूटी भरना, डॉक्यूमेंट अपलोड करना और SRO ऑफिस में अपॉइंटमेंट बुक करना शामिल होता है।

igrsup पोर्टल पर स्टांप ड्यूटी कैसे कैलकुलेट करें?

igrsup.gov.in पर “स्टांप ड्यूटी कैलकुलेटर” टूल उपलब्ध है। इसमें प्रॉपर्टी का ज़िला, मौजा, उपयोग, और मूल्य डालकर आसानी से स्टांप शुल्क की गणना की जा सकती है।

igrsup index क्या है और इसका उपयोग क्या है?

igrsup index एक डिजिटल रिकॉर्ड है जिसमें पुरानी रजिस्ट्री डॉक्यूमेंट्स और ट्रांजेक्शन डेटा होता है। इसका उपयोग प्रॉपर्टी हिस्ट्री, मालिकाना हक और ट्रांजेक्शन वेरिफिकेशन के लिए किया जाता है।

क्या igrsup पोर्टल से marriage registration भी होता है?

हाँ, igrsup पोर्टल से आप उत्तर प्रदेश में विवाह पंजीकरण भी ऑनलाइन कर सकते हैं। इसके लिए ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने होते हैं और SRO से वेरिफिकेशन की प्रक्रिया भी होती है।

encumbrance certificate up किस काम आता है?

Encumbrance Certificate यह दिखाता है कि किसी प्रॉपर्टी पर कोई बकाया लोन, मुकदमा या क्लेम तो नहीं है। यह सर्टिफिकेट खरीददारी से पहले प्रॉपर्टी की लीगल क्लीननेस साबित करता है।

igrsup circle rate टूल का क्या उपयोग है?

igrsup circle rate टूल का उपयोग यह जानने में होता है कि किसी इलाके में प्रॉपर्टी की सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम कीमत क्या है। इसी के आधार पर स्टांप शुल्क तय होता है।

ग्रामीण इलाकों में bainama registry कैसे होती है?

ग्रामीण इलाकों में bainama registry के लिए भी igrsup पोर्टल का उपयोग होता है। आपको ज़िले और तहसील के हिसाब से SRO ऑफिस सिलेक्ट करना होता है और दस्तावेज़ वही जमा होते हैं।